
15 वर्षीय यश के किडनी ट्रांसप्लांट के लिए पिता ने लगाई मदद की गुहार
मछलीशहर के चुरमुरा विक्रेता हीरालाल जायसवाल की आर्थिक स्थिति बेहद खराब, 25 सितंबर को प्रस्तावित है ट्रांसप्लांटमछलीशहर (जौनपुर)। फौजदार इंटर कॉलेज के गेट के सामने चुरमुरा, नमकीन और चाट का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले हीरालाल जायसवाल इन दिनों बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। उनका 15 वर्षीय इकलौता पुत्र यश जायसवाल लंबे समय से किडनी संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है।परिजनों के अनुसार, यश की किडनी का विकास बचपन से ही सामान्य रूप से नहीं हो पाया। पिछले करीब एक वर्ष से हीरालाल अपने बेटे का इलाज लखनऊ स्थित पीजीआई अस्पताल में करा रहे हैं। महंगे इलाज के चलते उनकी जमा-पूंजी समाप्त हो चुकी है। बेटे के इलाज के कारण उनका चाट-चुरमुरा का व्यवसाय भी करीब एक वर्ष से बंद है।परिजनों के मुताबिक, इलाज के दौरान हीरालाल ने रिश्तेदारों और परिचितों से भी आर्थिक मदद एवं कर्ज लिया है। चिकित्सकों ने यश के लिए किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी है। पिता अपने बेटे को किडनी देने के लिए तैयार हैं। परिवार के अनुसार, अस्पताल की ओर से ट्रांसप्लांट में करीब 15 लाख रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है और 25 सितंबर 2026 को ट्रांसप्लांट की तारीख निर्धारित बताई गई है।आर्थिक रूप से परेशान परिवार ने समाज के सक्षम लोगों और दानदाताओं से मदद की अपील की है। परिवार का कहना है कि छोटी से छोटी आर्थिक सहायता भी यश के इलाज में महत्वपूर्ण योगदान साबित हो सकती है।हीरालाल जायसवाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार ₹100, ₹200, ₹500 या जितना संभव हो, सहयोग करना चाहे, वह आगे आए और उनके बेटे के इलाज में मदद करे।सहयोग के लिए:नाम: हीरालाल जायसवालGPay: 9670633585नोट: आर्थिक सहयोग करने से पहले बैंक/अस्पताल अथवा परिवार से इलाज और भुगतान संबंधी विवरण की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।
















