
विकसित भारत-जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनपदों में अभियान चलाकर बढ़ाएं मानव दिवस सृजन : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
पीएम आवास योजना-ग्रामीण के 6.18 लाख आवासों को समयबद्ध ढंग से स्वीकृत कर पूर्ण कराने के निर्देशन
लखनऊ, 10 सितंबर 2026 उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकसित भारत-जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जनपदों में अभियान चलाकर मानव दिवस सृजन में बढ़ोतरी के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले श्रमिकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत 318 प्रकार के कार्य निर्धारित किए गए हैं। इनमें आजीविका से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य भी शामिल हैं। ऐसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए, जिससे योजना अपने उद्देश्यों को प्राप्त करते हुए विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित जनपद और विकसित ग्राम पंचायत के संकल्प को साकार करने में प्रभावी भूमिका निभा सके। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित कराया जाय कि सभी खंड विकास अधिकारी योजना के कार्यों की नियमित समीक्षा करें श्री मौर्य ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश को 6.18 लाख आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। सभी जनपद इन आवासों को समयबद्ध ढंग से स्वीकृत करते हुए निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत बेसहारा पात्र महिलाओं, दिव्यांगजनों तथा अन्य प्राथमिकता श्रेणी के पात्र परिवारों, जिन्हें अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है, उन्हें विशेष अभियान चलाकर चिन्हित किया जाए और पात्रता के अनुसार योजना का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम चौपालों में योजना की पात्रता एवं अन्य शर्तों की विस्तार से जानकारी देते हुए पात्र व्यक्तियों को चिन्हित करने तथा उन्हें आवास उपलब्ध कराने की प्रभावी व्यवस्था की जाए।उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकसित भारत-जी राम जी योजना की महिला श्रमिकों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों को अनिवार्य रूप से स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन समूहों को अभी तक सीसीएल अथवा बैंक क्रेडिट की सुविधा नहीं मिली है, ऐसे सभी पात्र समूहों को शत-प्रतिशत सीसीएल उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। यह सुनिश्चित कराया जाय कि सभी खंड विकास अधिकारी इसकी नियमित निगरानी करें। प्रदेश में नए स्वयं सहायता समूहों के गठन के कार्य में भी तेजी लाई जाए। समूह सखियों के मानदेय में वृद्धि के लिए अन्य राज्यों में लागू बेहतर मॉडलों का अध्ययन कर अपेक्षित कार्रवाई की जाए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत कैडर के मानदेय का भुगतान भी अनिवार्य रूप से समय से सुनिश्चित किया जाए।श्री मौर्य ने टीएचआर प्लांट्स की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सोलर एवं खाद्य संस्करण सब्सिडी का पूरा-पूरा लाभ उठाते हुए प्लांट्स को और अधिक प्रभावी एवं ऊर्जा दक्ष बनाया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।उप मुख्यमंत्री ने ग्राम चौपालों को और अधिक सार्थक एवं प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्राम चौपालों का त्रैमासिक रोस्टर तैयार कर माननीय सांसद एवं विधायकगण के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित लोगों को भी उपलब्ध कराया जाए। ग्राम चौपालों की नियमित समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि इनमें ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का कार्य भी प्रभावी ढंग से हो।उन्होंने प्रदेश में निर्मित सभी अमृत सरोवरों की साफ-सफाई एवं रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अमृत सरोवरों को स्वच्छ, उपयोगी एवं बेहतर स्वरूप में रखा जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में इनके निर्माण का उद्देश्य पूर्ण हो सके।श्री मौर्य ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में दृष्टि की बैठक अभी तक नहीं हुई है, वहां तत्काल बैठक आयोजित कर उसकी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी पर जोर देते हुए कहा कि बेहतर कार्य करने वाले जनपदों एवं विकासखंडों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने वाले जनपदों और विकासखंडों को प्रोत्साहित किया जाए, जिससे अन्य क्षेत्र भी उनसे प्रेरणा लेकर अपने कार्यों में सुधार कर सकें।














