
भरत जी का त्याग, समर्पण और भ्रातृप्रेम समाज के लिए अनुकरणीय : आचार्य शांतनु जी
श्रीरामकथा के अष्टम दिवस पर भरत चरित्र का भावपूर्ण वर्णन
भरत जी के चरित्र से मिलती है त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श भाई बनने की प्रेरणा
जौनपुर। नगर के बीआरपी इंटर कॉलेज मैदान में भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामकथा के अष्टम दिवस पर कथाव्यास परम पूज्य आचार्य शांतनु जी महाराज ने श्रीरामचरितमानस के भरत चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान भगवान श्रीराम और भरत जी के अद्वितीय प्रेम, त्याग, समर्पण, मर्यादा तथा भ्रातृप्रेम के प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवनोपयोगी संदेश दिया गया।
आचार्य शांतनु जी महाराज ने भरत जी के चरित्र की महत्ता बताते हुए कहा कि भरत जी ने राजसत्ता और राजसिंहासन के मोह से ऊपर उठकर अपने बड़े भाई भगवान श्रीराम के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण का अनुपम आदर्श प्रस्तुत किया। उनका जीवन सिखाता है कि सच्चा प्रेम स्वार्थ से परे होता है। परिवार में रिश्तों की वास्तविक मजबूती अधिकार जताने से नहीं, बल्कि त्याग, विश्वास और एक-दूसरे के प्रति सम्मान से आती है।
भरत चरित्र के प्रसंगों के माध्यम से आचार्य जी ने बताया कि भगवान श्रीराम और भरत जी का संबंध भारतीय संस्कृति में भ्रातृप्रेम और पारिवारिक मर्यादा का सर्वोच्च उदाहरण है। भरत जी ने भगवान श्रीराम को अयोध्या वापस लाने का प्रयास किया और उनके वनवास की अवधि में स्वयं राजसी सुखों से दूर रहकर उनके प्रतिनिधि के रूप में दायित्व निभाया। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि कर्तव्य का निर्वहन करते समय व्यक्तिगत सुख और स्वार्थ से ऊपर उठकर आदर्शों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीराम और भरत जी के पवित्र संबंधों का वर्णन सुनकर भावविभोर हो उठे। आचार्य शांतनु जी महाराज ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे भगवान श्रीराम और भरत जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें, परिवार में प्रेम और सद्भाव बनाए रखें तथा समाज में सेवा, त्याग और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा दें।बीआरपी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित श्रीरामकथा में श्रद्धालुओं की सहभागिता के बीच भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बना रहा।
मुख्य आयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर जगदम्बिका पाल (सांसद, लोकसभा डुमरियागंज), श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी (पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं सांसद), साधना सिंह (राज्यसभा सांसद, चंदौली), महेंद्रनाथ पाण्डेय (पूर्व केंद्रीय मंत्री), अशोक चौरसिया (क्षेत्रीय अध्यक्ष, काशी क्षेत्र), धनंजय सिंह (पूर्व सांसद), अजीत प्रजापति जी (जिलाध्यक्ष, भाजपा जौनपुर), स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती जी (महामंत्री, अखिल भारतीय संत समिति), अमित घोष जी (अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा, उत्तर प्रदेश), प्रवीन सिंह जी (एमडी, यूपीआईकॉन), कुमार ऋषिकेश (इनकम टैक्स कमिश्नर), हरीश प्रताप सिंह (अपर आयुक्त, उद्योग), अभिषेक शुक्ल, डॉ. सत्यप्रकाश सिंह (प्रधानाचार्य, तिलकधारी इंटर कॉलेज), विनय सिंह (पूर्व सभासद), बृजेश सिंह (जिलाध्यक्ष, कर्मचारी संघ), संतोष सिंह ‘सत्या’, बृजेश सिंह (प्रधानपुर), अमित सिंह, सुमित सिंह एवं अरविंद सिंह (निदेशक, माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल) सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।















