शिक्षक दिवस से पहले पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने वरिष्ठ शिक्षक नेता हेम सिंह पुंडीर से की मुलाकात, जाना कुशलक्षेम
24 वर्षों तक विधान परिषद में शिक्षकों और समाज की आवाज बुलंद करने वाले हेम सिंह पुंडीर से लिया आशीर्वाद
जौनपुर। शिक्षक दिवस के कुछ दिन पहले (5 सितंबर) के पूर्व पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने वरिष्ठ शिक्षक नेता एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) परम पूज्य श्री हेम सिंह पुंडीर (राणा) से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि शिक्षक समाज के ऐसे वरिष्ठ एवं अनुभवी व्यक्तित्व से मिलना उनके लिए अत्यंत सुखद, भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी अनुभव रहा।
भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा गया है—
“गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म, तस्मै श्री गुरवे नमः॥”
गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान पूजनीय माना गया है। इसी भावना के साथ शिक्षक दिवस के अवसर पर डॉ. दिनेश चंद्र ने ऐसे वरिष्ठ शिक्षक नेता का आशीर्वाद लेने का निर्णय किया, जिन्होंने अपने जीवन का लंबा समय शिक्षकों और समाज के हितों के लिए समर्पित किया।
डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि उनके मन में विचार आया कि क्यों न ऐसे वरिष्ठ शिक्षक समुदाय के मुखिया से आशीर्वाद लिया जाए, जिन्होंने शिक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ-साथ शिक्षकों के हितों के लिए निरंतर संघर्ष किया। श्री हेम सिंह पुंडीर ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में चार बार, कुल 24 वर्षों तक शिक्षक क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) के रूप में शिक्षकों की समस्याओं और उनके अधिकारों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाया।
मुलाकात के दौरान डॉ. दिनेश चंद्र ने श्री हेम सिंह पुंडीर के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली और लंबे समय तक शिक्षकों एवं समाज के लिए किए गए उनके संघर्षों को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि श्री हेम सिंह पुंडीर न केवल एक वरिष्ठ शिक्षक एवं समाजसेवी रहे हैं, बल्कि राजनीति के ऐसे मुखर जनप्रतिनिधि भी रहे, जिन्होंने विधान परिषद में शिक्षकों के साथ-साथ आमजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों को पूरी प्रभावशीलता और स्पष्टता के साथ उठाया।
डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि पिछले कुछ समय से हेम सिंह पुंडीर जी का स्वास्थ्य अस्वस्थ चल रहा था, लेकिन उनसे मिलकर यह देखकर काफी संतोष हुआ कि आज भी वे पुरानी घटनाओं और बातों को पूरी स्पष्टता के साथ स्मरण करते हैं। समाज के प्रति उनकी चिंता और नई पीढ़ी को प्रेरित करने की भावना आज भी उतनी ही प्रबल है।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे समाज को दिशा देने और पीढ़ियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे अनुभवी एवं वरिष्ठ लोगों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन नई पीढ़ी के लिए अमूल्य धरोहर है। उनके संघर्ष, अनुभव और सामाजिक सरोकार युवाओं तथा शिक्षकों को निरंतर प्रेरणा प्रदान करते हैं।
डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि उन महान व्यक्तित्वों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी दिन है, जिन्होंने अपने ज्ञान, संघर्ष और समर्पण से समाज को नई दिशा दी है। इसी भावना से उन्होंने श्री हेम सिंह पुंडीर से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
अंत में पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि आदरणीय श्री हेम सिंह पुंडीर जी को उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय जीवन एवं दीर्घायु प्रदान करें, ताकि उनका अनुभव, संघर्ष और मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों को लंबे समय तक मिलता रहे।
