
13 साल की मासूम 4 दिन से लापता, FIR और CDR के बाद भी पुलिस के हाथ खाली!
SHO देवेंद्र पांडे के थाना क्षेत्र में बच्ची गायब, मोतीगंज चौकी की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल
अयोध्या। बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के मोतीगंज चौकी इलाके से 13 वर्षीय बच्ची के लापता होने के मामले में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बच्ची को लापता हुए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन परिजनों के मुताबिक अब तक उसकी सुरक्षित बरामदगी नहीं हो सकी है।परिजनों की तहरीर के मुताबिक, 3 सितंबर 2026 की शाम करीब 5:20 बजे बच्ची कोचिंग पढ़ने गई थी। आरोप है कि कोचिंग के बाद रोहित पुत्र दुर्गा नाम का युवक बच्ची को स्कूटी पर बैठाकर अपने साथ ले गया, जिसके बाद बच्ची घर वापस नहीं पहुंची।मामले में बीकापुर कोतवाली में BNS की धारा 137 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। FIR में रोहित का नाम आरोपी के तौर पर दर्ज है और जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह को दी गई है। पुलिस द्वारा आरोपी का CDR भी निकाले जाने की बात सामने आई है।इसके बावजूद सबसे बड़ा सवाल यही है कि FIR दर्ज होने, आरोपी की पहचान सामने आने और CDR निकलने के बाद भी चार दिन में 13 साल की बच्ची का सुराग क्यों नहीं मिल सका?मोतीगंज चौकी बीकापुर कोतवाली के अंतर्गत आती है और इसकी निगरानी SHO देवेंद्र पांडे के अधीन है। ऐसे में पुलिस की निगरानी और कार्रवाई को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।क्या पुलिस आरोपी रोहित तक पहुंच सकी?क्या CDR से सामने आए नंबरों और संपर्कों की गहन जांच की गई?क्या आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई?क्या बच्ची को ले जाने वाले रास्तों और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले गए?क्या बच्ची की तलाश के लिए अलग पुलिस टीम लगाई गई?परिजनों का आरोप है कि वे लगातार मोतीगंज चौकी पहुंचकर अपनी बच्ची की तलाश की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। परिजनों के मुताबिक, चौकी प्रभारी प्रवीण कुमार की ओर से कथित तौर पर यह कहा गया कि “हमारे पास और भी काम हैं, क्या हम यही एक केस लेकर बैठे रहें।”यदि परिजनों का यह आरोप सही है तो सवाल और गंभीर है,क्या 13 साल की बच्ची की तलाश पुलिस के लिए महज एक केस है? चार दिन से जिस परिवार की आंखें अपनी बच्ची को तलाश रही हैं, उसके लिए हर गुजरता घंटा चिंता और डर बढ़ा रहा है।BNS की धारा 137 वैध अभिभावक की अभिरक्षा से बच्चे को ले जाने से संबंधित अपराध को कवर करती है। ऐसे मामलों में बच्ची की जल्द से जल्द सुरक्षित बरामदगी पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए।वहीं, प्रदेश सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति की बात करती है। ऐसे में बीकापुर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठना लाजिमी है।SHO देवेंद्र पांडे के थाना क्षेत्र में 13 साल की बच्ची लापता हुई। FIR दर्ज हुई। आरोपी का CDR निकाला गया। चार दिन बीत गए,लेकिन बच्ची कहां है?अब परिवार को सिर्फ आश्वासन नहीं, अपनी 13 साल की बच्ची की सुरक्षित बरामदगी चाहिए।सबसे बड़ा सवाल यही है,अगर बच्ची के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?















